सोमवार, 28 नवंबर 2016

महान क्रन्तिकारी फीदेल कास्त्रो को श्रद्धांजलि

महान क्रांतिकारी फीदेल कास्त्रो के 90 वर्ष की आयु में निधन से एक युगान्तकारी नेता का अवसान हो गया है। 100 साल पूर्व लेनिन के नेतृत्व में दुनियां का एक देश रूस दीप्तिमान सूर्य की भांति ऊगा था, जिसने मानवता की मुक्ति के द्वार खोले थे, ठीक उसी तरह फीदेल कास्त्रो ने क्रांतिकारी चे ग्वारा के साथ मिल कर साम्राज्यवादी अमेरिका की छाती को चीरते हुए समाजवाद का परचम लहराया था। जब सोवियत संघ का विघटन हो गया और चीन में समाजवादी शासन के नाम पर पूंजीवाद की वापसी हो रही है, साम्राज्यवादी अमेरिका के मुकाबले में क्यूबा ने ध्रुवतारा की तरह दुनियां की क्रांतिकारी ताकतों को विश्वाश दिलाया कि गैर बराबरी का खात्मा समाजवादी रास्ते से ही संभव है। आज भी क्यूबा फीदेल कास्त्रो के स्वप्न को साकार करने के लिए  प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। फीदेल कास्त्रो को मारने के लिए  हजारों बार कोशिश की गयी लेकिन पूरी आयु जीते हुए, आज वो नब्बे साल की आयु में गुजर गए।
उनकी सच्ची श्रद्धांजलि , परिवर्तन के चक्र को तीव्र करते हुए बेहतर जिन्दगी के तलाश से पूरी होगी।
 
   प्रगतिशील लेखक संघ इन्हें श्रद्धांजलि देता है।